Krsna Kirtana Songs est. 2001                                                                                                                                                      www.kksongs.org


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Song Name: Krsnotkirtana Gana Nartana (Sri Sadgosvamyastakam)

Author: Srinivasa Acarya

Book Name: None

Language: Sanskrit

 

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कृष्णोत्कीर्तन-गान-नर्तन-पर प्रेमामृताम्भो-निध

धीराधीर-जन-प्रिय प्रिय-कर निर्मत्सर पूजित

श्री-चैतन्य-कृपा-भर भुवि भुव भारावहन्तारक

वन्द रूप-सनातन रघु-युग श्री-जीव-गोपालक

 

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नाना-शास्त्र-विचारणैक-निपुण सद्धर्म-संस्थापक

लोकानां हित-कारिण त्रि-भुवन मान्य शरण्याकर

राधा-कृष्ण-पदारविन्द-भजनानन्देन मत्तालिक

वन्द रूप-सनातन रघु-युग श्री-जीव-गोपालक

 

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श्री-गौराण्ग-गुणानुवर्णन-विध श्रद्धा-समृद्ध्यन्वित

पापोत्ताप-निकृन्तन तनु-भृतां गोविन्द-गानामृतैः

आनन्दाम्बुधि-वर्धनैक-निपुण कैवल्य-निस्तारक

वन्द रूप-सनातन रघु-युग श्री-जीव-गोपालक

 

()

त्यक्त्व तूर्णमशेष-मण्डल-पति-श्रेणीं सद तुच्छ-वत

भूत्व दीन-गणेशक करुणय कौपीन-कन्थाश्रित

गोपी-भाव-रसामृताब्धि-लहरी-कल्लोल-मग्न मुहुर

वन्द रूप-सनातन रघु-युग श्री-जीव-गोपालक

 

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कूजत्कोकिल-हंस-सारस-गणाकीर्ण मयूराकुल

नाना-रत्न-निबद्ध-मूल-विटप-श्री-युक्त-वृन्दावन

राधा-कृष्णमहर्-निश प्रभजत जीवार्थद यौ मुद

वन्द रूप-सनातन रघु-युग श्री-जीव-गोपालक

 

()

सङ्ख्या-पूर्वक-नाम--नतिभिः कालावसानी-कृत

निद्राहार-विहारकादि-विजित चात्यन्त-दीन यौ

राधा-कृष्ण-गुण-स्मृतेर्मधुरिमानन्देन सम्मोहित

वन्द रूप-सनातन रघु-युग श्री-जीव-गोपालक

 

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राधा-कुण्ड-तट कलिन्द-तनया-तीर वंशीवट

प्रेमोन्माद-वशादशेष-दशय ग्रस्त प्रमत्त सद

गायन्त कद हरेर्गुण-वर भावाभिभूत मुद

वन्द रूप-सनातन रघु-युग श्री-जीव-गोपालक

 

()

हे राध व्रज-देवीक ललित हे नन्द-सून कुत

श्री-गोवर्धन-कल्प-पादप-तल कालिन्दी-वन कुत

घोषन्ताविति सर्वत व्रज-पुर खेदैर्महा-विह्वल

वन्द रूप-सनातन रघु-युग री-जीव-गोपालक

 

UPDATED: May 15, 2010